Home India Auto Fare Increased: दिल्ली में ऑटो किराया बड़ा , सफर करना हुआ...

Auto Fare Increased: दिल्ली में ऑटो किराया बड़ा , सफर करना हुआ महंगा; देने पड़ेंगे इतने पैसे

0
Auto Fare Increased: दिल्ली में ऑटो किराया बड़ा , सफर करना हुआ महंगा; देने पड़ेंगे इतने पैसे
Auto Fare Increased: दिल्ली में ऑटो किराया बड़ा , सफर करना हुआ महंगा; देने पड़ेंगे इतने पैसे

Taxi Fare Increased: ऑटो का किराया प्रति किलोमीटर के हिसाब से बढ़ाने को मंजूरी दे दी गई है. इसके अलावा किराया संशोधन समिति ने बेस फेयर बढ़ाने की भी सिफारिश की है.

Auto Fare Increased 2022: देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) में तिपहिया वाहन ऑटो (Auto) के लिए प्रति किलोमीटर पर किराए में डेढ़ रुपये और टैक्सियों के लिए बेस फेयर में 15 रुपये की बढ़ोतरी के प्रस्ताव के साथ ही ऑटो रिक्शा और टैक्सी का भाड़ा जल्द बढ़ने जा रहा है.

किराया बढ़ने के पीछे जाने वजह क्या है ?

add_action('amp_post_template_footer', function() { echo do_shortcode(''); }, 99);

अधिकारियों ने कहा कि किराए में बढ़ोतरी के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी गई है और अगली बैठक में उसे मंजूरी के लिए मंत्रिमंडल के सामने पेश किए जाने की संभावना है. परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने इस बात की पुष्टि की कि सरकार किराया बढ़ाने की योजना बना रही है. अधिकारियों के अनुसार, सीएनजी के दाम बढ़ने के कारण किराए में बढ़ोतरी की जरूरत हुई है.

किराया संशोधन समिति ने की ये सिफारिश जानकर हैरान हो जाएंगे 

बता दें कि सरकार ने अप्रैल में 13 सदस्यीय किराया संशोधन समिति बनाई थी. समिति ने तिपहिया वाहनों के लिए किराए में प्रति किलोमीटर एक रुपये की बढ़ोतरी और टैक्सी के किराए में 60 फीसदी तक बढ़ोतरी की सिफारिश की थी.

बेस फेयर भी बढ़ाया जाए

अधिकारियों ने कहा कि ऑटो रिक्शा के लिए मीटर डाउन शुल्क पहले के 25 रुपये बेस फेयर से बढ़ाकर 30 रुपये कर दिया जाएगा और इसके अलावा प्रति किलोमीटर साढ़े 9 रुपये के बजाय 11 रुपये किराया वसूला जाएगा. इसी प्रकार टैक्सियों के लिए मीटर डाउन शुल्क अब 25 के बजाय 40 रुपये होगा.

ऐप आधारित ऑपरेटर्स पहले ही बढ़ा चुके हैं किराया

वहीं, गैर एसी टैक्सियों के लिए प्रति किलोमीटर 14 रुपये के बजाय 17 रुपये और एसी टैक्सियों के लिए 16 रुपये के बजाय 20 रुपये देने होंगे. ऐप आधारित ऑपरेटर्स ने पहले ही किराया बढ़ा दिया था जबकि ऑटो रिक्शा और टैक्सी के किराए में संशेाधन नहीं हुआ था जो सरकार के नियमों से संचालित होते हैं.

Exit mobile version