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क्या रोहित और विराट ही नहीं…गौतम गंभीर के खिलाफ होगा एक्शन! BCCI ने चली तगड़ी चाल

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Gautam Gambhir India vs Australia

Gautam Gambhir India vs Australia: न्यूजीलैंड के खिलाफ भारतीय टीम के शर्मनाक प्रदर्शन से क्रिकेट फैंस सदमे में हैं. फैंस यह नहीं समझ पा रहे हैं कि 20 दिन पहले वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) में पहले स्थान पर रहने वाली टीम अचानक कैसे आउट ऑफ फॉर्म हो गई. न्यूजीलैंड के खिलाफ भारतीय टीम के शर्मनाक प्रदर्शन से क्रिकेट फैंस सदमे में हैं. फैंस यह नहीं समझ पा रहे हैं कि 20 दिन पहले वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) में पहले स्थान पर रहने वाली टीम अचानक कैसे आउट ऑफ फॉर्म हो गई. इससे सिर्फ फैंस ही नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) भी निराश है. उसने इस बात के संकेत दे दिए हैं कि ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद कुछ दिग्गजों का पत्ता कट सकता है. इतना ही नहीं, कोच गौतम गंभीर भी निशाने पर आ गए हैं और उनके प्रदर्शन की भी स्क्रूटनी होगी.

4 महीने में ही दबाव में गंभीर

श्रीलंका और न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में हार ने गंभीर को 4 महीने के अंदर ही दबाव में डाल दिया है. उन्हें बहुत धूमधाम से कोच पद पर नियुक्त किया गया था और ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए सेलेक्शन कमेटी की मीटिंग में भी उन्हें एक सीट दी गई थी. गंभीर के कमान संभालने के ठीक बाद भारत ने 27 साल में पहली बार श्रीलंका के खिलाफ वनडे सीरीज गंवा दी और फिर रविवार को न्यूजीलैंड ने घरेलू टेस्ट मैचों में उनकी टीम का 3-0 से सफाया कर दिया. यह ऐसा कुछ है जो टीम ने अपने लंबे क्रिकेट सफर में कभी नहीं देखा था.

गंभीर के फैसलों ने चौंकाया

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गंभीर का यह सिद्धांत कि चाहे कुछ भी हो जाए, एक ही तरह से खेलते रहना चाहिए, कुछ ऐसा है जिसे भारतीय क्रिकेट से जुड़े लोग भी नहीं समझ पाए हैं. न्यूजीलैंड के खिलाफ मुंबई में तीसरे टेस्ट की दूसरी शाम को तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को नाइट-वॉचमैन के तौर पर भेजना और पहली पारी में सरफराज खान को नंबर 8 पर भेजना कुछ ऐसे रणनीतिक कदम हैं जिन पर सभी सवाल उठा रहे हैं.

शास्त्री-द्रविड़ को भी नहीं मिली थी ये सुविधा

गौतम गंभीर को वह सुविधा दी गई जो पूर्व कोच रवि शास्त्री और राहुल द्रविड़ को नहीं थी. बीसीसीआई के नियम के अनुसार, कोच सेलेक्शन कमेटी की बैठक का हिस्सा नहीं बन सकता है. ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए इस नियम को दरकिनार कर दिया गया. गंभीर ने सेलेक्शन कमेटी की बैठक में हिस्सा लिया. हैरान करने वाली बात तो यह थी कि न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज समाप्त होने से पहले ही ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए टीम का चयन हो गया. आउट ऑफ फॉर्म कई खिलाड़ियों को जगह दी गई है.

गंभीर के कहने पर चुने गए हर्षित और नीतीश

बीसीसीआई के एक सूत्र ने नाम न बताने की शर्त पर पीटीआई को बताया, ”दौरे की गंभीरता को देखते हुए मुख्य कोच को इसमें शामिल होने की अनुमति दी गई थी.” कम से कम दो खिलाड़ी मुख्य कोच के कहने पर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी (BGT) टीम में शामिल हुए हैं. दिल्ली और कोलकाता नाइटराइडर्स के तेज गेंदबाज हर्षित राणा और आंध्र और सनराइजर्स हैदराबाद के ऑलराउंडर नीतीश रेड्डी को टेस्ट टीम में रखा गया है.

हर्षित को डेब्यू का इंतजार

हर्षित राणा को श्रीलंका या बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज में खेलने का मौका नहीं मिला था. ऐसी खबरें थीं कि वह बांग्लादेश के खिलाफ आखिरी मैच से पहले अस्वस्थ थे. इस कारण उन्हें टीम से रीलीज कर दिया गया था, लेकिन एक सप्ताह के भीतर वह बेंगलुरु में भारत के नेट पर गेंदबाजी करने लगे.

उन्होंने असम के खिलाफ रणजी ट्रॉफी में अच्छा प्रदर्शन किया. यह बात भी सामने आई थी कि अगर हर्षित को ऑस्ट्रेलिया को टेस्ट सीरीज के लिए चुना गया है तो उन्हें इंडिया ए के साथ ऑस्ट्रेलिया भेजा जाना चाहिए था. इससे वहां उन्हें अभ्यास का मौका मिलता. इसकी जगह उन्हें मुंबई टेस्ट से पहले फिर से टीम के साथ जोड़ा गया और वह नेट पर गेंदबाजी करते दिखे थे.

नीतीश रेड्डी की बात करें तो इंडिया ए और ऑस्ट्रेलिया ए मैच के दौरान शॉर्ट बॉल पर वह फंस गए. उनकी गेंदबाजी भी उतनी अच्छी नहीं है. इसने टीम की चिंताएं बढ़ा दी हैं. रेड्डी के टी20 क्षमताओं से गंभीर काफी प्रभावित हैं और उन्हें भरोसा है कि यह खिलाड़ी हार्दिक पांड्या की जगह टेस्ट में बेहतरीन फास्ट बॉलिंग ऑलराउंडर बन सकता है. ऑस्ट्रेलिया सीरीज गंभीर के लिए अग्निपरीक्षा होगी.

उन्हें सीरीज में फेल होने वाले कुछ सीनियर खिलाड़ियों को बाहर का रास्ता भी दिखाना होगा. बीसीसीआई साइडलाइन से उनके फैसलों को देख रहा है. वाइटवॉश ने दिल्ली के इस शानदार खिलाड़ी को भी जांच के दायरे में ला दिया है. बीसीसीआई ने आखिरी तीर चला दी है. अब देखना है कि ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद सीनियर खिलाड़ियों के साथ-साथ कोच का पत्ता कटता है या वे अपनी जगह को बचाने में कामयाब होते हैं.

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