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यूपी बोर्ड में नकल माफियाओं का खेल खत्म, 10वीं 12वीं परीक्षा के लिए, “ऐसा करते थे कारनामा”

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यूपी बोर्ड में नकल माफियाओं का खेल खत्म, 10वीं 12वीं परीक्षा के लिए, "ऐसा करते थे कारनामा"

UP Board Exam 2024: यूपी बोर्ड में नकल माफियाओं का खेल खत्म, 10वीं 12वीं परीक्षा के लिए, आपको बता दें, यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा 2024 के लिए चार हजार से अधिक छात्र-छात्राओं के फॉर्म दो-दो स्कूलों से भरवा दिए गए। नकल माफिया ने हर साल की तरह इस बार भी चाल चली है।

यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा 2024(UP Board High School and Intermediate Exam 2024) के लिए चार हजार से अधिक छात्र-छात्राओं के फॉर्म दो-दो स्कूलों से भरवा दिए गए। नकल माफिया ने हर साल की तरह इस बार भी चाल चली है ताकि जिस सेंटर पर नकल का जुगाड़ हो जाए वहीं से संबंधित छात्र को परीक्षा दिलाकर बेड़ा पार करा दे। बोर्ड के पांचों क्षेत्रीय कार्यालयों प्रयागराज, मेरठ, वाराणसी, बरेली और गोरखपुर के अपर सचिव अब ऐसे स्कूल के प्रधानाचार्यों को नोटिस जारी कर रहे हैं जहां डबल रजिस्ट्रेशन की शिकायत मिली है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है।

हालांकि बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि इनमें से कुछ ऐसे भी परीक्षार्थी हैं जिन्होंने अपने पूर्व के स्कूल को सूचना दिए बगैर दूसरे विद्यालय में प्रवेश ले लिया है। लेकिन फिर भी सवाल उठता है कि परीक्षा शुल्क जमा किए बगैर आवेदन पत्र अग्रसारित नहीं होता तो यह चूक कैसी हो गई।

प्रधानाचार्यों को नोटिस जारी कर रहे अपर सचिव

अमजद अली (पिता का नाम नियामतुल्लाह और मां मरियम निशां) का इंटरमीडिएट का फॉर्म श्री वीपी त्रिपाठी इंटर कॉलेज पंडितपुर महाराजगंज और सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज सिसवा बाजार महाराजगंज जबकि हिमांशु चौधरी (पिता का नाम राम मूरत चौधरी और मां सुनीता चौधरी) का नाम राजमनी गब्बू महात्मा बुद्ध इंटर कॉलेज फहीम महाराजगंज और हिन्दुस्तान पब्लिक इंटर कॉलेज महराजगंज से भरा है।

बोर्ड परीक्षा के फॉर्म में संशोधन का मौका

यूपी बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा 2024(UP Board High School and Intermediate Exam 2024) में सम्मिलित होने वाले परीक्षार्थियों के शैक्षिक विवरणों में त्रुटियों के निराकरण के लिए अंतिम अवसर दिया गया है। सचिव ने एक दिसम्बर को परीक्षार्थियों के विवरणों में सुधार के लिए अनुमति दी है। बोर्ड के प्रयागराज, मेरठ, वाराणसी, बरेली व गोरखपुर क्षेत्रीय कार्यालयों ने जिला विद्यालय निरीक्षकों से पांच दिसंबर तक आवेदन मांगे हैं।

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